शुक्रवार, अप्रैल 29, 2011

अमीर-गरीब (लघु कथा)

शिष्य को चुपचाप बैठे देख गुरु ने उससे पूछा

गुरु : पुत्र कहाँ खोये हुए हो ?
शिष्य : गुरुदेव सामने खड़े रेहड़ीवाले को देख मन में कुछ विचार उमड़ रहे हैं.
गुरु : कैसे विचार पुत्र ?
शिष्य : यही कि रेहड़ीवाला गरीब है और अपना गुजारा परांठे की रेहड़ी लगाकर चलाता है.

गुरु : तो इसमें खास बात क्या हुई पुत्र ?
शिष्य : गुरु देव रेहड़ीवाला गरीब है फिर भी आगे पढ़ें...

रविवार, अप्रैल 24, 2011

एक पत्र पोस्टमैन चचा के नाम

प्यारे पोस्टमैन चचा

सादर डाकस्ते!

इतने दिन बीत गये किन्तु तो आप आये ही कोई पत्र . वो भी क्या दिन थे जब आपसे नियमित भेंट होती रहती थी. खाकी वस्त्र धारण किये हुए साइकल पर सवार हो पत्रों का झोला टाँगे आप अचानक ही प्रकट हो जाते थे और दे जाते थे खट्टी-मीठी खबरों से भरा एक पत्र. आप मात्र सादा पत्र ही नहीं बल्कि साक्षात्कार पत्र नौकरी के नियुक्ति पत्र के रूप में हमारा भाग्य भी संग ले आते थे और कभी- मनी ऑर्डर द्वारा हमारी जेब भी भर जाते थे. हम सब आपकी उत्सुकता से प्रतीक्षा में आगे पढ़ें...

शनिवार, अप्रैल 16, 2011

उपस्थिति (लघु कथा)

ठाकुर इज्ज़त सिंह अपने इलाके के माने हुए रईस ज़मींदार थे और इस बात का उन्हें घमंड भी था. इसलिए यूं ही कहीं जाने के लिए वह अपनी शानदार हवेली से नहीं निकलते थे.जब भी किसी रिश्तेदार के यहाँ कोई शादी अथवा अन्य कोई कार्यक्रम होता था तो अपने नौकर को अपने जूते देकर रिश्तेदार के यहाँ दावत खाने को भेज देते थे. नौकर उनके रिश्तेदारों से ठाकुर साब के जूतों को ही उनकी उपस्थिति मान लेने का आग्रह करता था.आगे पढ़ें...

गलती (लघु कथा )

कुछ लड़कियाँ एक लड़के को पीटने में लगी हुई थी तभी हवलदार बच्चू सिंह वहां पहुंचा और कड़क आवाज़ में उनसे पूछा, "अरे तुम सब क्यों पीट रही हो इसे?" "हवलदार साब मैं यहाँ से गुजर रही थी तो इसने पीछे से मेरी पीठ पर कंकड़ मारा और अश्लील गाना गया।" उसी भीड़ में से एक लड़की बोली. आगे पढ़ें

गुरुवार, अप्रैल 14, 2011

हिंदी-ब्लागिंग पर प्रकाशित होने जा रही पुस्तकों के संबंध में-एक नयी महत्वपूर्ण सूचना





 

(१) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग : अभिव्यक्ति की नयी क्रान्ति 
यह पुस्तक अविनाश वाचस्पति और रवीन्द्र प्रभात के द्वारा संपादित है 
 
मूल्य : 495/- ( डाक खर्च अलग से )
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701

(
२) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग का इतिहास 
लेखक का नाम : रवीन्द्र प्रभात 
मूल्य : 250 /-( डाक खर्च अलग से)
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701
महाविशेष सूचना : 
आप सबके विशेष अनुरोध पर निर्णय लेते हुए यह सूचित किया जाता है कि क्‍योंकि अभी तक बहुत से हिन्‍दी ब्‍लॉगर साथियों तक सूचना या तो देर से पहुंची है अथवा नहीं पहुंची है इसलिए कल के अवकाश को ध्‍यान में रखकर तिथि को 15 अप्रैल 2011 शुक्रवार सांय 6 बजे तक बढ़ाया गया है लेकिन इसके बाद किसी भी स्थिति में ब्‍लॉगरों का विवरण पुस्‍तक में शामिल नहीं किया जा सकेगा। पुस्‍तक 16 अप्रैल 2011 से प्रेस में पहुंचकर प्रिंट होनी शुरू हो जाएगी। इसलिए 15 अप्रैल 2011 को सांय 6 बजे बाद प्राप्‍त किसी विवरण को पुस्‍तक में, किसी भी स्थिति-परिस्थिति में सम्मिलित नहीं किया जा सकेगा। हां, पुस्‍तकों की बुकिंग की सुविधा इन्‍हीं नियमों के अंतर्गत अवश्‍य 25 अप्रैल 2011 तक की जा सकेगी। 25 अप्रैल 2011 के बाद 26 अप्रैल 2011 से दोनों पुस्‍तकों की अग्रिम बुकिंग 495/- रुपये में की जा सकेगी।
विशेष सूचना : 12 अप्रैल 2011 तक बुकिंग करवाने वाले ब्‍लॉगरों के नाम, ब्‍लॉग पते और ई मेल पते पुस्‍तक में बिना किसी अतिरिक्‍त भुगतान के शामिल/ प्रकाशित किए जायेंगे। 


रुपये 450/- केवल भेजने के लिए आप अपनी सुविधानुसार निम्‍नलिखित तीन विकल्‍पों में किसी एक का चयन कर सकते हैं
1.
आप मनीआर्डर से सीधे हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701 के पते पर राशि भेज सकते हैं परंतु मनीआर्डर के पीछे संदेश में अपना पूरा पता, फोन नंबर ई मेल आई डी के साथ अवश्‍य  लिखें।
2.
तकनीक का लाभ उठाते हुए आप बैंक ऑफ बड़ौदा, बिजनौर के नाम हिन्‍दी साहित्‍य निकेतन के खाता संख्‍या 27090100001455 में नकद जमा करवा सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के बाद जमा पर्ची का स्‍कैन चित्र मेल पर अपनी पूरी जानकारी के साथ अवश्‍य भिजवायें।
3.
आप यह राशि हिन्‍दी साहित्‍य निकेतन के नाम ड्राफ्ट के द्वारा भी डाक अथवा कूरियर के जरिए भेज सकते हैं। चैक सिर्फ सी बी एस शाखाओं के ही स्‍वीकार्य होंगे।
आप जिस भी विकल्‍प का चयन करें, उसका उपयोग करने के बाद इन ई मेल पर सूचना भी अवश्‍य भेजने का कष्‍ट कीजिएगा 
giriraj3100@gmail.com, ravindra.prabhat@gmail.com & nukkadh@gmail.com
पर जरूर भेजिएगा।

ज्ञातव्‍य हो कि उपरोक्त दोनों पुस्तकों का सम्मिलित मूल्य है रुपये. 745/- किन्तु  लोकार्पण से पूर्व यानी दिनांक २५.०४.२०११ तक संयुक्त रूप सेदोनों पुस्तकों की खरीद पर डाक खर्च सहित रू. 450/- ही देने होंगे !

ऑर्डर सीधे प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701 के नाम भेजना है !

किसी प्रकार की शंका होने पर ई मेल भेजने अथवा फोन से बात करने पर हिचकिचाएं मत।

विशेष सूचना : 12 अप्रैल 2011 तक बुकिंग करवाने वाले ब्‍लॉगरों के नाम, ब्‍लॉग पते और ई मेल पते पुस्‍तक में बिना किसी अतिरिक्‍त भुगतान के शामिल/ प्रकाशित किए जायेंगे। 

इस सूचना को ब्‍लॉगहित में सबके साथ साझा कीजिए।

मंगलवार, अप्रैल 12, 2011

हिंदी ब्लागिंग से जुडे-सभी मित्रों के लिए एक आवश्यक सूचना


 हिंदी में ब्लागिंग तो आप ऒर हम काफी समय से कर रहे हॆं,लेकिन इससे जुडे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी देने वाली कोई पुस्तक अभी तक बाजार में नहीं हॆ.इस कमी को पूरा किया हॆ हिन्दी के जाने-माने दो  ब्लागर साथियों ने.एक हॆं श्री अविनाश वाचस्पति जी व दूसरे हॆं -श्री रवीन्द्र प्रभात जी.हिंदी ब्लागिंग से जुडी इन पुस्तकों का प्रकाशन-’हिंदी साहित्य निकेतन’ बिजनॊर (उ.प्र.) द्वारा किया जा रहा हॆ.दोनों पुस्तकों के लिए अग्रिम बुकिंग पर कुछ छूट हॆ.वॆसे तो बुकिंग की अंतिम-तिथि 12-04-2011 थी,लेकिन छुट्टियों के कारण ,विशेष आग्रह पर इसे एक दिन बढाकर 13-04-2011 कर दिया गया हॆ. कॊई भी ब्लागर साथी इसका लाभ उठा सकता हॆ.पूरी जानकारी इस प्रकार हॆ:-



(१) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग : अभिव्यक्ति की नयी क्रान्ति 
यह पुस्तक अविनाश वाचस्पति और रवीन्द्र प्रभात के द्वारा संपादित है 
 
मूल्य : 495/- ( डाक खर्च अलग से )
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701

(
२) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग का इतिहास 
लेखक का नाम : रवीन्द्र प्रभात 
मूल्य : 250 /-( डाक खर्च अलग से)
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701
विशेष सूचना : 12 अप्रैल 2011 तक बुकिंग करवाने वाले ब्‍लॉगरों के नाम, ब्‍लॉग पते और ई मेल पते पुस्‍तक में बिना किसी अतिरिक्‍त भुगतान के शामिल/ प्रकाशित किए जायेंगे। 


रुपये 450/- केवल भेजने के लिए आप अपनी सुविधानुसार निम्‍नलिखित तीन विकल्‍पों में किसी एक का चयन कर सकते हैं
1.
आप मनीआर्डर से सीधे हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701 के पते पर राशि भेज सकते हैं परंतु मनीआर्डर के पीछे संदेश में अपना पूरा पता, फोन नंबर ई मेल आई डी के साथ अवश्‍य  लिखें।
2.
तकनीक का लाभ उठाते हुए आप बैंक ऑफ बड़ौदा, बिजनौर के नाम हिन्‍दी साहित्‍य निकेतन के खाता संख्‍या 27090100001455 में नकद जमा करवा सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के बाद जमा पर्ची का स्‍कैन चित्र मेल पर अपनी पूरी जानकारी के साथ अवश्‍य भिजवायें।
3.
आप यह राशि हिन्‍दी साहित्‍य निकेतन के नाम ड्राफ्ट के द्वारा भी डाक अथवा कूरियर के जरिए भेज सकते हैं। चैक सिर्फ सी बी एस शाखाओं के ही स्‍वीकार्य होंगे।
आप जिस भी विकल्‍प का चयन करें, उसका उपयोग करने के बाद इन ई मेल पर सूचना भी अवश्‍य भेजने का कष्‍ट कीजिएगा 
giriraj3100@gmail.com, ravindra.prabhat@gmail.com & nukkadh@gmail.com
पर जरूर भेजिएगा।
ज्ञातव्‍य हो कि उपरोक्त दोनों पुस्तकों का सम्मिलित मूल्य है रुपये. 745/- किन्तु  लोकार्पण से पूर्व यानी दिनांक २५.०४.२०११ तक संयुक्त रूप सेदोनों पुस्तकों की खरीद पर डाक खर्च सहित रू. 450/- ही देने होंगे !

ऑर्डर सीधे प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्‍य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701 के नाम भेजना है !

किसी प्रकार की शंका होने पर ई मेल भेजने अथवा फोन से बात करने पर हिचकिचाएं मत।

विशेष सूचना : 12 अप्रैल 2011 तक बुकिंग करवाने वाले ब्‍लॉगरों के नाम, ब्‍लॉग पते और ई मेल पते पुस्‍तक में बिना किसी अतिरिक्‍त भुगतान के शामिल/ प्रकाशित किए जायेंगे। 

इस सूचना को ब्‍लॉगहित में सबके साथ साझा कीजिए।