
भारत की राजधानी हॆ-यह दिल्ली.भारत का लघु-रुप हॆ यह दिल्ली.अनेकताओं में एकता का शहर हॆ-दिल्ली . दिलवालों का शहर हॆ यह दिल्ली.पाश्चात्य व पश्चिमी संस्कृति का मिश्रण हॆ-यह दिल्ली.भारतीय राजनीति का अखाडा हॆ यह दिल्ली.न जाने कितनी बार उजडी व बसी यह दिल्ली.इस दिल्ली शहर के साहित्यकारों,पत्रकारों व ब्लागरों का एक सामूहिक मंच हॆ-यह ’दिल्ली ब्लागर्स एसोशिएशन.
शनिवार, अप्रैल 16, 2011
उपस्थिति (लघु कथा)
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सुमित भाई,
जवाब देंहटाएंसामाजिक संबंध तो जॆसे को तॆसा हॆ.आप किसी का सम्मान करोगे तो दूसरा अपने आप करेगा.चलो देर से ही सही,इज्जतसिंह को कुछ अक्ल तो आई.बढिया रचना.
शुक्रिया विनोद जी...
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