
भारत की राजधानी हॆ-यह दिल्ली.भारत का लघु-रुप हॆ यह दिल्ली.अनेकताओं में एकता का शहर हॆ-दिल्ली . दिलवालों का शहर हॆ यह दिल्ली.पाश्चात्य व पश्चिमी संस्कृति का मिश्रण हॆ-यह दिल्ली.भारतीय राजनीति का अखाडा हॆ यह दिल्ली.न जाने कितनी बार उजडी व बसी यह दिल्ली.इस दिल्ली शहर के साहित्यकारों,पत्रकारों व ब्लागरों का एक सामूहिक मंच हॆ-यह ’दिल्ली ब्लागर्स एसोशिएशन.
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सुमित भाई,
जवाब देंहटाएंबहन की बिदाई के बहुत ही भावुक क्षण होते हॆ.एक साथ खेले,बडे हुए,लडे-भिडे ऒर फिर बहन अपनी ससुराल.यही दस्तूर हॆ इस गृहस्थ जीवन का.मॆंने भी खुद अपनी छ: बहनो को विदा किया हॆ.आपकी पीडा को समझ सकता हूं.चिंता न करो,वक्त सब ठीक करेगा.