बुधवार, मई 18, 2011

मेरी बहना चली गई

वो मुझसे अक्सर कहती थी कि जब मैं जाऊंगी तो तेरे सीने से लग कर खूब रोऊँगी और मैं भी हंसकर उससे कहता था कि वह किसी गलतफहमी में न रहे क्योंकि मैं उसके जाने पर बिलकुल नहीं रोने वाला. आज जब वह विदा होकर जाने लगी तो आगे पढ़ें...

1 टिप्पणी:

  1. सुमित भाई,
    बहन की बिदाई के बहुत ही भावुक क्षण होते हॆ.एक साथ खेले,बडे हुए,लडे-भिडे ऒर फिर बहन अपनी ससुराल.यही दस्तूर हॆ इस गृहस्थ जीवन का.मॆंने भी खुद अपनी छ: बहनो को विदा किया हॆ.आपकी पीडा को समझ सकता हूं.चिंता न करो,वक्त सब ठीक करेगा.

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