भारत की राजधानी हॆ-यह दिल्ली.भारत का लघु-रुप हॆ यह दिल्ली.अनेकताओं में एकता का शहर हॆ-दिल्ली . दिलवालों का शहर हॆ यह दिल्ली.पाश्चात्य व पश्चिमी संस्कृति का मिश्रण हॆ-यह दिल्ली.भारतीय राजनीति का अखाडा हॆ यह दिल्ली.न जाने कितनी बार उजडी व बसी यह दिल्ली.इस दिल्ली शहर के साहित्यकारों,पत्रकारों व ब्लागरों का एक सामूहिक मंच हॆ-यह ’दिल्ली ब्लागर्स एसोशिएशन.
बुधवार, मार्च 02, 2011
सोमवार, फ़रवरी 28, 2011
हिन्दी ब्लॉगिंग से हुई कमाई : आप भी पहुंचिए त्रिवेणी सभागार दिल्ली में : 28 फरवरी 2011
त्रिवेणी सभागार दिल्ली में
दिल्ली वालों का पहुंचना
निहायत जरूरी है
फोटो भी खींची जाएंगी
बधाई भी स्वीकारी जाएंगी
आप पहुंचिए तो सही ...
विस्तृत जानकारी के लिए यहां क्लिक कीजिए
और महाविस्तृत जानकारी के लिए यहां
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रविवार, फ़रवरी 27, 2011
दिल्ली से जुडे-सभी साहित्यकारों,पत्रकारों व ब्लाग लेखकों का मंच-’दिल्ली ब्लागर्स एसोशिएशन’
दिल्ली में रह रहे,लेखन की दुनिया से जुडे,सभी कलमकारों का इस मंच पर स्वागत हॆ.आप साहित्य की दुनिया से जुडें हॆं या पत्रकारिता से या फिर ब्लाग-लेखन से-अपने विचार इस मंच के माध्यम से विश्व के किसी भी कॊने में पहुंचा सकते हॆं.आपके लेखन की विधा कोई भी हो सकती हॆ-कविता,कहानी,लघुकथा,सम-सामयिक लेख, सुरुचिपूर्ण- समाचार, कला,संस्कृति या किसी साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम की रिपोर्ट.अपने दिल्ली शहर से जुडी.रोचक,तथ्यपरक कोई भी जानकारी- जो आप लोगों से बांटना चाहें.ध्यान रहे! आपका लेखन ऎसा हो जिससे लोगों में प्रेम बढे, द्वेष नहीं.आपकी भाषा शालीन हो.सामग्री ऎसी हो-जिसे परिवार का हर सदस्य एक साथ बॆठकर पढ सके या देख सके.
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